10. नीतिनवनीतम्
प्रश्न 1. नीतिनवनीतम् किस प्रकार का साहित्य है?
(a) विज्ञान साहित्य
(b) संस्कृत साहित्य
(c) आधुनिक साहित्य
(d) काव्य साहित्य
उत्तर – (b)
प्रश्न 2. संस्कृत साहित्य में ज्ञान-विज्ञान की किस विधा का विवेचन किया गया है?
(a) केवल साहित्य
(b) केवल दर्शन
(c) सभी विधाएँ
(d) केवल काव्य
उत्तर – (c)
प्रश्न 3. नीतिशतक, विदुरनीति तथा चाणक्य नीति किस प्रकार के ग्रंथ हैं?
(a) धार्मिक
(b) ऐतिहासिक
(c) नीति शास्त्र
(d) काव्य
उत्तर – (c)
प्रश्न 4. मनुस्मृति को किस दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जाता है?
(a) ऐतिहासिक
(b) सांस्कृतिक
(c) सदाचार की दृष्टि
(d) साहित्यिक
उत्तर – (c)
प्रश्न 5. मनुस्मृति में किसका आदर करने से दीर्घायु होने की बात कही गई है?
(a) मित्रों
(b) गुरुजनों
(c) पड़ोसियों
(d) समकक्ष
उत्तर – (b)
प्रश्न 6. किस ग्रंथ में माता-पिता के कष्टों का बदला सैकड़ों वर्षों में भी नहीं चुकाया जा सकता कहा गया है?
(a) नीतिशतक
(b) विदुरनीति
(c) चाणक्य नीति
(d) मनुस्मृति
उत्तर – (d)
प्रश्न 7. ‘अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः’ से क्या बढ़ता है?
(a) आयु, विद्या, यश, बल
(b) केवल विद्या
(c) केवल यश
(d) केवल आयु
उत्तर – (a)
प्रश्न 8. ‘सर्वं परवशं दुःखं’ का क्या अर्थ है?
(a) दुसरों पर निर्भर होना सुख है
(b) दुसरों पर निर्भर होना दुःख है
(c) अपने पर निर्भर होना दुःख है
(d) अपने पर निर्भर होना सुख है
उत्तर – (b)
प्रश्न 9. ‘यत्कर्म कुर्वतोऽस्य स्यात्परितोषोऽन्तरात्मनः’ से क्या किया जाना चाहिए?
(a) विपरीत कार्य
(b) प्रयत्न पूर्वक कार्य
(c) असंतोषजनक कार्य
(d) अनावश्यक कार्य
उत्तर – (b)
प्रश्न 10. मनुस्मृति के अनुसार माता-पिता तथा गुरु का क्या करना चाहिए?
(a) उनका अपमान
(b) उनका आदर
(c) उनके साथ विवाद
(d) उनकी उपेक्षा
उत्तर – (b)
प्रश्न 11. ‘यम मातापितरौ क्लेशं सहेते सम्भवे नृणाम्’ का क्या अर्थ है?
(a) माता-पिता का कष्ट बदला जा सकता है
(b) माता-पिता का कष्ट सैकड़ों वर्षों में भी चुकाया नहीं जा सकता
(c) माता-पिता का कष्ट सौ वर्षों में चुकाया जा सकता है
(d) माता-पिता का कष्ट चुकाया जा सकता है
उत्तर – (b)
प्रश्न 12. ‘दृष्टिपूतं न्यसेत्पादं’ में किस चीज को पवित्र करने की बात की गई है?
(a) वाणी
(b) जल
(c) कदम
(d) मन
उत्तर – (c)
प्रश्न 13. ‘तयोर्नित्यं प्रियं कुर्यादाचार्यस्य च सर्वदा’ में किसका प्रिय करना चाहिए?
(a) माता और पिता
(b) गुरु
(c) मित्र
(d) पड़ोसी
उत्तर – (a)
प्रश्न 14. ‘सर्वं आत्मवशं सुखम्’ का क्या मतलब है?
(a) अपने वश में होना सुख है
(b) अपने वश में होना दुःख है
(c) दुसरों के वश में होना सुख है
(d) दुसरों के वश में होना दुःख है
उत्तर – (a)
प्रश्न 15. ‘सत्यपूतां वदेद्वाचं’ में किसको पवित्र करने की बात की गई है?
(a) जल
(b) वाणी
(c) कदम
(d) मन
उत्तर – (b)
प्रश्न 16. ‘चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्’ में कितनी वस्तुएँ वृद्धि को प्राप्त होती हैं?
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पाँच
उत्तर – (c)
प्रश्न 17. ‘तपः सर्वं समाप्यते’ में किसके प्रसन्न होने पर तप सम्पन्न होते हैं?
(a) मित्र
(b) माता और पिता
(c) गुरु
(d) पड़ोसी
उत्तर – (b)
प्रश्न 18. ‘सत्यपूतां वदेद्वाचं’ से किस प्रकार की वाणी को कहना चाहिए?
(a) पवित्र
(b) अशुद्ध
(c) झूठी
(d) अप्रासंगिक
उत्तर – (a)
प्रश्न 19. ‘अभिवादनशीलस्य’ का कौन सा गुण बढ़ता है?
(a) केवल बल
(b) केवल आयु
(c) आयु, विद्या, यश, बल
(d) केवल विद्या
उत्तर – (c)
प्रश्न 20. ‘तपः सर्वं समाप्यते’ में किसकी तुष्टि की बात की गई है?
(a) केवल माता
(b) केवल पिता
(c) माता-पिता और गुरु
(d) केवल गुरु
उत्तर – (c)
प्रश्न 21. ‘सर्वं परवशं दुःखं’ का क्या अर्थ है?
(a) दुसरों पर निर्भर होना सुख है
(b) दुसरों पर निर्भर होना दुःख है
(c) अपने पर निर्भर होना सुख है
(d) अपने पर निर्भर होना दुःख है
उत्तर – (b)
प्रश्न 22. ‘यत्कर्म कुर्वतोऽस्य’ में क्या किया जाना चाहिए?
(a) प्रयत्न पूर्वक कार्य
(b) विपरीत कार्य
(c) असंतोषजनक कार्य
(d) अनावश्यक कार्य
उत्तर – (a)
प्रश्न 23. ‘दृष्टिपूतं न्यसेत्पादं’ से किसको पवित्र करने की बात की गई है?
(a) कदम
(b) जल
(c) वाणी
(d) मन
उत्तर – (a)
प्रश्न 24. ‘सत्यपूतां वदेद्वाचं’ में किस प्रकार की वाणी की बात की गई है?
(a) पवित्र
(b) अशुद्ध
(c) झूठी
(d) अप्रासंगिक
उत्तर – (a)
प्रश्न 25. ‘यम मातापितरौ क्लेशं सहेते सम्भवे नृणाम्’ का क्या अर्थ है?
(a) माता-पिता का कष्ट बदला जा सकता है
(b) माता-पिता का कष्ट सैकड़ों वर्षों में भी चुकाया नहीं जा सकता
(c) माता-पिता का कष्ट सौ वर्षों में चुकाया जा सकता है
(d) माता-पिता का कष्ट चुकाया जा सकता है
उत्तर – (b)
प्रश्न 26. ‘अभिवादनशीलस्य’ किसकी वृद्धि को संदर्भित करता है?
(a) विद्या
(b) बल
(c) आयु, विद्या, यश, बल
(d) यश
उत्तर – (c)
प्रश्न 27. ‘तयोर्नित्यं प्रियं कुर्यादाचार्यस्य’ में किसको प्रिय करना चाहिए?
(a) केवल गुरु
(b) माता-पिता
(c) माता, पिता और गुरु
(d) मित्र
उत्तर – (c)
प्रश्न 28. ‘सर्वं आत्मवशं सुखम्’ का क्या मतलब है?
(a) अपने वश में होना सुख है
(b) दुसरों के वश में होना सुख है
(c) दुसरों के वश में होना दुःख है
(d) अपने वश में होना दुःख है
उत्तर – (a)
प्रश्न 29. ‘यत्कर्म कुर्वतोऽस्य’ में किस प्रकार के कार्य की बात की गई है?
(a) प्रयत्नपूर्वक कार्य
(b) विपरीत कार्य
(c) असंतोषजनक कार्य
(d) अनावश्यक कार्य
उत्तर – (a)
प्रश्न 30. ‘तपः सर्वं समाप्यते’ में किसका प्रसन्न होना आवश्यक है?
(a) केवल माता
(b) केवल गुरु
(c) माता-पिता और गुरु
(d) केवल पिता
उत्तर – (c)
प्रश्न 31. ‘सर्वं परवशं दुःखं’ का क्या अर्थ है?
(a) दुसरों पर निर्भर होना सुख है
(b) दुसरों पर निर्भर होना दुःख है
(c) अपने पर निर्भर होना सुख है
(d) अपने पर निर्भर होना दुःख है
उत्तर – (b)
प्रश्न 32. ‘सत्यपूतां वदेद्वाचं’ से किस प्रकार की वाणी को कहना चाहिए?
(a) पवित्र
(b) अशुद्ध
(c) झूठी
(d) अप्रासंगिक
उत्तर – (a)
प्रश्न 33. ‘अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः’ में कौन सी वस्तुएँ वृद्धि को प्राप्त होती हैं?
(a) केवल आयु
(b) आयु, विद्या
(c) आयु, विद्या, यश, बल
(d) केवल बल
उत्तर – (c)
प्रश्न 34. ‘यम मातापितरौ क्लेशं सहेते’ का क्या अर्थ है?
(a) माता-पिता का कष्ट बदला जा सकता है
(b) माता-पिता का कष्ट सैकड़ों वर्षों में भी चुकाया नहीं जा सकता
(c) माता-पिता का कष्ट सौ वर्षों में चुकाया जा सकता है
(d) माता-पिता का कष्ट चुकाया जा सकता है
उत्तर – (b)
प्रश्न 35. ‘तयोर्नित्यं प्रियं कुर्यादाचार्यस्य च सर्वदा’ में किसको प्रिय करना चाहिए?
(a) माता-पिता
(b) गुरु
(c) मित्र
(d) पड़ोसी
उत्तर – (b)
प्रश्न 36. ‘सत्यपूतां वदेद्वाचं’ में किस प्रकार की वाणी को कहना चाहिए?
(a) पवित्र
(b) अशुद्ध
(c) झूठी
(d) अप्रासंगिक
उत्तर – (a)
प्रश्न 37. ‘दृष्टिपूतं न्यसेत्पादं’ से किसको पवित्र करने की बात की गई है?
(a) जल
(b) कदम
(c) वाणी
(d) मन
उत्तर – (b)
प्रश्न 38. ‘सर्वं आत्मवशं सुखम्’ का क्या मतलब है?
(a) दुसरों के वश में होना सुख है
(b) अपने वश में होना सुख है
(c) दुसरों के वश में होना दुःख है
(d) अपने वश में होना दुःख है
उत्तर – (b)
प्रश्न 39. ‘यत्कर्म कुर्वतोऽस्य’ में किस प्रकार के कार्य की बात की गई है?
(a) प्रयत्नपूर्वक कार्य
(b) विपरीत कार्य
(c) असंतोषजनक कार्य
(d) अनावश्यक कार्य
उत्तर – (a)
प्रश्न 40. ‘सर्वं परवशं दुःखं’ से क्या तात्पर्य है?
(a) दुसरों पर निर्भर होना सुख है
(b) दुसरों पर निर्भर होना दुःख है
(c) अपने पर निर्भर होना सुख है
(d) अपने पर निर्भर होना दुःख है
उत्तर – (b)
Class 8 Sansktit Chapter 10 MCQ